जबलपुर। मध्यप्रदेश में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पदों पर अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के पर्याप्त उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए High Court of Madhya Pradesh के मार्गदर्शन में Madhya Pradesh State Judicial Academy (MPSJA) ने एक विशेष “दक्षता / कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम” शुरू करने का निर्णय लिया है।
क्यों जरूरी हुआ यह कार्यक्रम
न्यायिक सेवाओं में SC-ST वर्ग के उम्मीदवारों की कम भागीदारी और चयन दर को लेकर लंबे समय से चिंता जताई जा रही थी। गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, मार्गदर्शन और परीक्षा-उन्मुख संसाधनों की कमी को इस समस्या का प्रमुख कारण माना जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है, ताकि योग्य लेकिन संसाधनों से वंचित अभ्यर्थियों को मजबूत मंच मिल सके। इच्छुक उम्मीदवार स्टेट जुडिशल अकादमी की वेबसाइट पर जाकर अपना ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
पूरा सिलेबस होगा कवर:
सिविल जज (एंट्री लेवल) परीक्षा का संपूर्ण पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा, जिसमें
भारतीय संविधान, CPC और नए आपराधिक कानून —
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं।-
ऑनलाइन प्रशिक्षण:
कार्यक्रम पूरी तरह ऑनलाइन मोड में होगा, जिससे प्रदेश के दूरदराज़ क्षेत्रों के अभ्यर्थी भी जुड़ सकेंगे। -
समय और अवधि:
करीब दो माह का यह कार्यक्रम होगा, जिसमें लगभग 110 सत्र आयोजित किए जाएंगे। -
अनुभवी फैकल्टी:
प्रशिक्षण सत्र अनुभवी न्यायिक अधिकारी, वरिष्ठ अधिवक्ता और विधि विशेषज्ञ लेंगे।
कौन कर सकता है आवेदन
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SC-ST एवं अन्य वर्गों से आने वाले वे अधिवक्ता और अभ्यर्थी, जो
जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर हाईकोर्ट बार या प्रदेश की किसी भी जिला/तहसील बार एसोसिएशन से जुड़े हैं। -
वे अन्य अभ्यर्थी, जो सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा की पात्रता शर्तें पूरी करते हों।
न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश
इस दक्षता कार्यक्रम को न्यायिक सेवाओं में सामाजिक संतुलन और प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि इससे SC-ST वर्ग के अधिक उम्मीदवार सिविल जज परीक्षा में सफल होंगे और मध्यप्रदेश की न्यायपालिका और अधिक समावेशी बनेगी।